संभल शिव मंदिर में हर-हर महादेव के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़
Pen, Point: संभल जिले में बंद शिव-हनुमान मंदिर की दीवारों पर भक्तों ने ॐ नमः शिवाय और हर हर महादेव अंकित किया। यह मंदिर 14 दिसंबर को जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान खोला गया था। बताया जा रहा है कि यह मंदिर 1978 के बाद पहली बार खोला गया। मंदिर के खुलने के बाद उसकी सफाई की गई और परिसर में बिजली का कनेक्शन बहाल कर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। रविवार को संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार और जिलाधिकारी (डीएम) राजेंद्र पैंसिया ने मंदिर का दौरा किया और वहां पूजा-अर्चना की।
जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में शनिवार सुबह अभियान चलाया गया। इस दौरान कई सार्वजनिक स्थलों से अवैध निर्माण हटाए गए।
संभल की उपजिलाधिकारी (एसडीएम) वंदना मिश्रा ने कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों से अवैध कब्जों को हटाना है। ऐसा ही अभियान चंदौसी में भी पिछले दो महीने से चलाया जा रहा है। इसके साथ ही, संभल में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान भी जारी है।
अभियान में बड़ी मात्रा में बिजली चोरी के मामले भी सामने आए। डीएम पैंसिया ने बताया कि सुबह निरीक्षण किया और देखा कि लाउडस्पीकर अनावश्यक शोर कर रहे थे। जांच के दौरान पाया गया कि लगभग 15-20 घरों और धार्मिक स्थलों पर बिजली चोरी हो रही थी। एक मस्जिद में 59 पंखे, एक फ्रिज, वॉशिंग मशीन और 25-30 लाइट पॉइंट बिना मीटर चालू किए चलाए जा रहे थे।
सीओ अनुज कुमार चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में अतिक्रमण की जानकारी मिली थी। निरीक्षण के दौरान यह मंदिर पाया गया। इस अभियान के बाद मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया गया, और अब वहां नियमित पूजा-अर्चना शुरू हो चुकी है। मंदिर की खोज और उससे जुड़े मामलों ने स्थानीय लोगों में उत्साह और चर्चा है।
प्राचीन शिव मंदिर और उसके परिसर में मिले कुएं की कार्बन डेटिंग कराई जाएगी। कार्बन डेटिंग से यह पता लगाया जाएगा कि शिव मंदिर को कब स्थापित किया गया था और कुआं कब का बना है। इसके लिए डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को पत्र लिखा है।
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि शिव मंदिर और कुएं की कार्बन डेटिंग कराने के लिए एएसआई को पत्र भेज दिया गया है। अब टीम के संभल पहुंचने का इंतजार है। उन्होंने बताया कार्बन डेटिंग से पता चल जाएगा कि शिव मंदिर और कुआं कितना पुराना है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों ने बताया कि शिव मंदिर प्राचीन है। कुएं की बनावट से पता चलता है कि यह दशकों पुराना है। कार्बन डेटिंग के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
कई सदी पहले बसे संभल का इतिहास महत्वपूर्ण है। इस शहर के चारों ओर ऐतिहासिक धरोहर हैं यह बात अलग है कि देखभाल के अभाव में वह जर्जर हो चुकी हैं या विलुप्त हो गई हैं। ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए ही शिव मंदिर और उसके परिसर में बने कुएं की कार्बन डेटिंग कराई जाने के लिए प्रयास किया है। डीएम ने बताया कि संभल शहर धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी है। यहां कई महत्वपूर्ण धरोहर हैं जो संवारी जानी चाहिए। प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिया है।