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भारत में हर घंटे 1500 लोगों की जान लेता है तंबाकू

– हर साल तंबाकू से जुड़ी बीमारियों पर खर्च का अर्थव्यवस्था पर डेढ़ लाख करोड़ का पड़ रहा है बोझ
PEN POINT, DEHRADUN : देश में तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के चलते हर मिनट औसतन 25 लोग अपनी जान गंवाते हैं। साल भर में सवा करोड़ लोगों की मौत तंबाकू और उससे जुड़े पदार्थों के सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण होती है।
आज दुनिया भर में तंबाकू निषेध दिवस मनाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो देश में साल भर में करीब 1 करोड़ 25 लाख लोगों की मौत तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण होती है जिसमें कैंसर सबसे प्रमुख बीमारी है। देश में 26 करोड़ से अधिक वयस्क तंबाकू का सेवन करते हैं, दुनिया में भारत तंबाकू उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश है तो दुनिया के मुकाबले भारत में तंबाकू की कम कीमतों के चलते यह तंबाकू उपभोक्ताओं के लिहाजा से भी दूसरा बड़ा देश है। भारत में तंबाकू उत्पादों का बाजार अरबों रूपए का है करीब बीस लाख से अधिक लोग इसमें रोजगार से जुड़े हैं लेकिन जितने लोगों यह तंबाकू रोजगार दे रहा है उससे ज्यादा तंबाकू हर साल जिंदगी छीन रहा है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट की माने तो साल 2017-18 में ही देश में 35 साल और उससे अधिक उम्र के लोगां ने तंबाकू सेवन से हुई बीमारियों पर हुए खर्च की आकार डेढ़ लाख करोड़ रूपए से अधिक था। फिलहाल दुनिया में भारत में दुनिया में तंबाकू का प्रयोग करने वाली दूसरी सबसे बड़ी आबादी है।
विश्व तंबाकू निषेध पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लेख भी जारी किया गया है जिसका शीर्षक है हमें भोजन चाहिए, तंबाकू नहीं। लेख के अनुसार दुनिया भर में करीब साढ़े तीन करोड़ हेक्टेयर कृषि भूमि सिर्फ तंबाकू उगाने के उपयोग में लाई जा रही है और सालाना करीब 2 लाख हेक्टेयर जंगलों को काटकर तंबाकू उत्पादन लायक कृषि भूमि तैयार की जा रही है जो पर्यावरण और सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रही है तो दुनिया में इतनी बड़े आकार पर तंबाकू के उत्पादन से अनाज उगाने को कृषि भूमि कम पड़ रही है। वहीं, तंबाकू उगाने के लिए बड़ी संख्या में कीटनाशकों और खतरनाक रसायनों का प्रयोग किया जाता है जो कृषि भूमि की गुणवत्ता खत्म करने के साथ ही वहां बोई जाने वाली अन्य फसलों को भी जहरीला बना रहा है। वहीं जिस भूमि पर तंबाकू की खेती की जाती है वह भूमि अन्य फसलों की खेती के लिए गुणवत्ता खो देती है।
लिहाजा तंबाकू सिर्फ मानव शरीर के लिए ही नहीं बल्कि प्रकृति और अन्न उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है। तंबाकू का सेवन जानलेवा है, इससे छोड़ना ही आपकी जान बचा सकता है।

तंबाकू की लत में क्यों फंस जाते हैं हम
यदि आप बिना तंबाकू-सिगरेट, बीड़ी या तंबाकू से बने किसी पदार्थ के बिना एक दिन भी नहीं रह पाते हैं तो यह संकेत है कि आप इसकी लत के शिकार हो गए हैं। तम्बाकू में निकोटीन पाया जाता है, यही रसायन लत का प्रमुख कारण है। तंबाकू चबाने या धूम्रपान के माध्यम से रक्त प्रवाह में अवशोषित होने पर यह एड्रेनालाईन नामक कैमिकल रिलीज करता है। दूसरी तरफ निकोटीन, डोपामाइन हार्मोन में वृद्धि को भी ट्रिगर करता है। डोपामाइन हमें दिमाग में अच्छा महसूस करवाता है। डोपामाइन आनंद की अनुभूति कराने के साथ मस्तिष्क को उत्तेजित करता है। चूंकि इससे हमें कुछ पल के लिए आराम मिलता है इसलिए कुछ दिनों के ही सेवन के बाद यह शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लत का कारण बन जाती है।

कैसे छोड़े तंबाकू की लत को
वैसे तो तंबाकू-सिगरेट की लत छोड़ने के लिए कई उपचार नहीं हैं। हालांकि कुछ प्रयासों से इस लत को प्रबंधित किया जा सकता है। पैच, निकोटिन गम या डॉक्टरी सलाह पर कुछ दवाइयों के सेवन के साथ दृढ़ इच्छा बनाकर आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं। तंबाकू छोड़ना चाह रहे हैं तो किसी डॉक्टर से मिलकर इस बारे में सलाह जरूर लें। हालांकि, दृढ़ ईच्छाशक्ति से तंबाकू छोड़ना संभव है और यह छोड़ा जा सकता है।

 

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