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पक्षी गणना : हिमालयी राज्‍यों में अव्‍वल है उत्‍तराखंड, देश में दूसरे स्‍थान पर

Pen Point, Dehradun : बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल,  झीलें और खास आबो हवा उत्‍तराखंड का पहला परिचय हैं। लेकिन इस कुदरती खूबसूरती के बीच पक्षियों का ऐसा संसार भी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। कुदरत का यह चमत्‍कार हिमालय के विभिन्न ऊंचाई वाले स्तरों में फैला हुआ है जिसमें तराई के मैदान, भाभर, शिवालिक, निचला हिमालय और ट्रांस-हिमालय शामिल हैं। यही  विविधता इसे पक्षियों और पक्षी देखने वालों के लिए आदर्श बनाती है।

बीते माह फरवरी में आयोजित विश्‍व स्‍तरीय द ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट जीबीबी 2024 के नतीजे भी उत्‍तराखंड की इस खासियत की तस्‍दीक करते हैं। जिसके मुताबिक पक्षियों के लिहाज से उत्‍तराखंड हिमालयी राज्‍यों में सबसे अव्‍वल है। जबकि पूरे देश में पश्चिम बंगाल के बाद देश में दूसरे स्‍थान पर है। वहीं भारत की बात करें तो हमारा देश दुनिया में सबसे ज्‍यादा पक्षियों वाला देश है। 16 से 19 फरवरी के बीच किये गए इस आयोजन में बड़ी तादाद में पक्षी प्रेमियों, छात्रों और आम लोगों ने प्रतिभाग किया था। इस दौरान पूरी दुनिया के स्‍तर पर 3;8 लाख चेकलिस्‍ट और 7895 प्रजातियों को दर्ज किया गया।

इस गणना में पहली बार देश के सभी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पक्षि प्रेमी शामिल हुए थे। पक्षियों से जुड़े आंकड़ों पर गौर करें तो पश्चिम बंगाल में सबसे ज्‍यादा 538 पक्षि प्रजातियों दर्ज हुई। इसके बाद उत्‍तराखंड में 426, असम में 420, महाराष्‍ट्र में 403, अरूणाचल प्रदेश में 396, कर्नाटक में 387, तमिलनाडु में 358, गुजरात में 354, केरल में 340, आंध्र प्रदेश में 321, हिमाचल प्रदेश में 321 और राजस्थान में 305 प्रजातियां रिकॉर्ड की गई।

हर साल होता है आयोजन

पक्षियों की गणना के इस वैश्विक कार्यक्रम का आयोजन हर साल किया जाता है। आम तौर पर फरवरी माह में यह आयोजित होता है। दुनिया के कुछ अन्‍य देशों के साथ भारत 2013 से इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान दुनिया के विभिन्‍न कोनों से जुटे पक्षी प्रेमी अपने आस पास जैसे, घरों के छत, आंगन, पार्कों और आसपास आने वाले पक्षियों की तस्वीरें ऑनलाइन प्लेटफार्म ई बर्ड पर अपलोड करते हैं। इनकी मदद से दुनिया भर में पक्षियों की प्रजातियों और विविधता का आंकलन किया जाता है।

उत्‍तराखंड में बर्ड वाचिंग की संभावना

वर्षों से,  इन रंग बिरंगे पंख वाले सुंदर पंछियों ने प्रकृति प्रेमियों, शोधकर्ताओं और फोटोग्राफरों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया है। साल 2012 में  उत्तराखंड वन विभाग के इकोटूरिज्म विंग ने उत्तराखंड स्प्रिंग बर्ड फेस्टिवल की शुरुआत की थी। जिसमें दुनिया भर से उपस्थित लोगों के लिए पक्षी सैर, वार्ता, फिल्म स्क्रीनिंग और कार्यशालाओं की मेजबानी की गई। उत्‍तराखंड में विभिन्‍न वन्‍य जीव अभ्‍यारण्‍य दुर्लभ पक्षियों का बसेरा है, जहां पक्षी प्रेमी उनके दीदार के लिये पहुंचते हैं।

 

 

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