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HAPPY B’DAY रोनाल्डो : सपनों सरीखी कहानी का नायक

5 फरवरी 1985 को जन्‍म हुआ था सर्वकालिक महान फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्‍डो का

PEN POINT, SPORTS DESK :

एकदम जबर कहानी है ये, बिलकुल हैप्‍पी एंडिंग मूवी जैसी। यूरोप में एक देश है पुर्तगाल, जहां मदेरा नाम का द्वीप है। वहां मारिया डोलारोस नाम की महिला रहती थी। जो घरों में कुक का काम करती थी, और उसका पति जोश नगरपालिका में माली था। तीन बच्‍चों के बाद मारिया को चौथी बार गर्भ ठहरा। लेकिन गरीबी से तंग आकर उसने इस संतान को पैदा करने से इनकार कर दिया। पहले तीन बच्‍चों

की परवरिश ही भारी पड़ रही थी। मारिया ने गर्भपात करवाना चाहा लेकिन डॉक्‍टरों ने बमुश्किल उसे समझाया। बेमन से उसने बच्‍चे को जन्‍म दिया। तारीख थी 5 फरवरी 1985। नाम रखा गया क्रिस्टियानो रोनाल्‍डो। जो आज सर्वकालिक महान फुटबॉल खिलाडि़यों में से एक है। परिवार के साथ रोनाल्‍डो का बचपन भी काफी गरीबी में गुजरा। एक कैथोलिक घर के एक कमरे में उनका पूरा परिवार रहता था। बालक रोनाल्‍डो की किस्‍मत से उसके पिता को एडरिन्‍हा फुटबॉल क्‍लब में किटमैन का काम मिल गया। जहां सात साल की उम्र से ही रोनाल्‍डो के पैरों ने फुटबॉल को साधना शुरू कर दिया। बारह साल की उम्र तक रोनाल्‍डो के पांव फुटबॉल पर बेहतर ढंग से थिरकने लगे। इस दौरान पुर्तगाल की स्‍पोर्टिग सीपी में तीन दिन के प्रशिक्षण के लिए चुना गया और मैच के लिए 1500 पाउंड बतौर फीस भी मिले।

इंटरनेशनल ऐरीना में दस्‍तक

साल 1997 आया। सोलह साल के रोनाल्‍डो के पैर फुटबॉल की चकरी बना रहे था। इस ड्रिबलिंग हुनर को देखते हुए उसे यूथ टीम में जगह दी गई। मेहनत और दमखम ने उसके शरीर को कसावट दे दी। जिस

में बैल सी ताकत के साथ चीते सी फुर्ती और बाज सी निगाह थी। यानी लड़का तगड़ा हो गया। जल्‍द ही उसे अंडर-16, अंडर-17 और अंडर-18 के साथ बी टीम और मुख्‍य टीम तक का सफर एक ही सीजन में तय कर लिया। अपने देश में ऐसा करनामा करने वाला वह पहला खिलाड़ी बना। इस तरह उसने इंटरनेशनल फुटबॉल में जोरदार दस्‍तक दी। दुनिया के बड़े फुटबॉल क्‍लबों का ध्‍यान उसकी ओर गया।

दिलचस्‍प है मेनचेस्‍टर यूनाइटेड से जुड़ने की कहानी

इंग्लिश लीग के साथ ही दुनिया की दिग्‍गज टीम है मेनचेस्‍टर यूनाइटेड। साल 2003 में इस टीम को स्‍पोर्टिंग ने 3-1 से हरा दिया। टीम के कोच ऐलेक्‍स फर्ग्‍युसन को रोनाल्‍डो हर हाल में चाहिए था। हालांकि रोनाल्‍डो को मेनचेस्‍टर यूनाइटेड में शामिल होने की बात पहले से चल रही थी। जिसमें तय हुआ था कि युनाइटेड रोनाल्‍डो के साथ अनुबंध करेगा और एक साल के लिए बतौर लोन स्‍पोर्टिंग के साथ ही रखा जाएगा। या

नी स्‍पोर्टिंग वाले भी रोनाल्‍डो को साथ रखना चाहते थे। लेकिन इस मैच के तुरंत बाद यूनाइटेड के हारे हुए लड़कों ने कोच के सामने जिद ठान ली कि रोनाल्‍डो को अपनी टीम में लाओ। तब 12 करोड़ 24 लाख पाउंड का इंतजाम कर स्‍पोर्टिंग को दिए गए और रोनाल्‍डो मेनचेस्‍टर यूनाइेड का हिस्‍सा बना।

'Pen Point

आजकल अल नासेर के साथ

इसके बाद रोनाल्‍डो ने अपने खेल से दुनियाभर में करोड़ों फैन्‍स बनाए। मेनचस्‍टर यूनाइटेड के बाद रियल मैड्रिड और फिर जुवेंटस से जुड़े। हाल ही में सऊदी क्‍लब अल नसेर को अपना ठिकाना बनाया है। जहां कल यानी 4 फरवरी को ही अपना पहला गोल दागा। फुटबॉल के कई बड़ रिकॉर्ड रोनाल्‍डो के नाम दर्ज होते जा रहे हैं। पैसा शोहरत और अवार्ड की उस पर बरसात हुई, उसका गरीबी वाली जिंदगी से दुनिया का बेहतरीन और विख्‍यात फुटबॉलर बनने तक सफर वाकई सपनों सरीखा है। पुर्तगाल के साथ ही विभिन्‍न क्‍लबों से खेलते हुए मैदान पर आज भी रोनाल्‍डो का जलवा कायम है।

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