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SUSPENSE : अल्‍मोड़ा के उंचाई वाले खूंट गांव में कहां से आया मोर!

PEN POINT ALMORA : अल्‍मोड़ा के खूंट गांव में एक मोर इन दिनों कौतुहल बना हुआ है। यहां के लोगों ने अपने गांव में पहली बार मोर को देखा है। रोज सुबह घर के आंगन तक पूरी ठसक के साथ इठलाता हुआ मोर।  गांव में घरों के आंगन के आस पास पहुंच कर, खेतों में दाने चुगते हुए दिखता है। फिलहाल वन विभाग को इसकी सूचना नहीं है।

खूंट गांव के रहने वाले उमेश भोज बताते हैं कि ठीक एक साल पहले जंगल में घूमता यह पक्षी दिखा था। तब वह छोटा था और उसकी पूंछ नहीं निकली थी। जिससे गांव के लोगों ने इसे जंगली मुर्गा समझ लिया। लेकिन लोगों में यह भी संशय था कि इतना बड़ा जंगली मुर्गा आखिर आया कहां से। जाहिर है कि यह पक्षी आकार में जंगली मुर्गै से काफी बड़ा दिख रहा था। इस साल जनवरी में गांव के आस पास के खेतों में बुआई हुई तो अचानक एक दिन वही पक्षी बदले हुए रूप में प्रकट हो गया। अब उसकी लंबी और खूबसरत पूंछ निकल गई है और सिर की कलगी भी बढ़ गई है। यानी मोर जवान हो गया है। तभी से लोगों में कौतुहल बना हुआ है।

गांव के लोगों के मुताबिक मोर अपनी दिनचर्या का पक्‍का है। सुबह साढ़े सात बजे उसके कदम गांव की ओर बढ़ते हैं। जहां वह आस पास के खेतों में चुगते हुए घरों के आंगन तक पहुंच जाता है। कभी कभार गांव के बच्‍चे उसे हांका लगा देते हैं। तो वह उछलकर खेतों की मेंड पर बैठ जाता है। ठीक दस बजे वह जंगल की ओर रवाना हो जाता है। इसके बाद शाम को वह गाव के पास ही बने अपने ठिकाने पर रात बिताने पहुंच जाता है।

आमतौर पर मोर के लिए मैदानी और तराई के इलाकों की आबो हवा ही अनुकूल होती है। समद्रतल से 1600 मीटर से कम उंचाई ही इस पक्षी को रास आती है। जबकि इससे अधिक उंचाई पर दुर्लभ स्थितियों में ही मोर पाए जाते हैं। यही वजह है कि खूंट गांव में मोर का दिखना लोगों के लिए हैरानी का सबब बना हुआ है। जानकारों के मुताबिक इससे पहाड़ों की आबो हवा में आ रहे बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा सकता है।

अल्‍मोड़ा वन प्रभाग डीएफओ डीएस मोर्तोलिया बताते हैं कि कोसी के किनारे होते हुए मोर अल्‍मोड़ा के आस पास तक पहुंच जाते हैं। संभवत: खूंट गांव के जंगल तक उनका आवागमन हुआ हो, जिसके चलते ये छोटा बच्‍चा यहीं छूट गया हो। उन्‍होंने बताया कि ज्‍यादा दिनों तक इस तरह के पक्षी यहां नहीं टिकते और बड़ा होने पर वह उड़ने लायक हो जाते हैं तो तराई की ओर लौट जाते हैं।

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